किसी चीज़ का खो जाना जबकि वो चीज़ कभी आपकी थी ही नहीं।

अजीभ सा दर्द होता है, आंखों में नमी और गला भारी सा हो जाता है...लिख रही हूं आँखें धुंधली हो गई है नमकीन बूंदों ने आँखें भर दी है कुछ साफ़ नहीं है, साफ ये है कि कुछ दिन भर दिल में चल रहा है जो शाम आते आते दिल को भर देता है ऊपर तक क्या ऐसा मुझे ही होता है का किसी और को भी इस ओर दिख रहा है। गलती, गिल्ट,गलत सा लगता है किसी और की चीज या वो चीज़ जो आपको कभी मिल नहीं सकती उसकी चाहता ही बर्बादी है,

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