आशा देना बुरी चीज़ हैं ?
X : हाँ आशा देना गलत है| Y : क्यूँ है गलत क्या होगा इसका मतलब क्या हमें कभी किसी से कोई आशा नहीं रखनी चाहिए| X : हाँ नहीं रखनी चाहिए आशाये इंसान को भटका देती हैं| Y : और अगर आशाएं ना मिले तो इंसान मर जाता हैं, इंसान जिन्दा रह पाता हैं आशा से | X : पर आशा पूरी नहीं होती तो तड़पड़ा भी तो रहता है इंसान आशा में | आपने सुनी हैं वो कहानी "अपना अपना भाग्य " जिसमें 12 साल का वो बेघर बच्चा जो सर्दी में ठिठुर रहा था उसे एक वकील जो नेनिलात घूमने आया था उसने तरस खा कर पहले तो पैसे देना चाहा फिर जेब में 10 का नोट पा कर खुल्ले ना होने के बहाने पैसे नहीं दिए फिर अपना कोर्ट देने कको हुए फिर जनाब ने सोचा इतना महँगा लैदर का कोर्ट हैं मैं घर से ला के जरूर दुगा तुम्हे गर्म कपडे और ये बात बोल कर वो चले जाते है घर जा के अपना किया वादा भूल जातें हैं सुबह अचानक उसे याद आती हैं ये बात जब वो न्यूज़ पेपर में देखते हैं की एक लगभग 12 साल का बच्चा सर्दी से मर गया। .. पता हैं वो कैसे मरा सर्दी से ? नहीं वो उस आशा से मरा जो उसे दी गई थीं वरना....