हिंदी गद्य का आरंभ 3 हिन्दी पत्रकारिता 2
हिन्दी का गद्य-साहित्य पेज २० विषयों की शिक्षा दी जाती थी। अरबी, फारसी, संस्कृत, हिन्दुस्तानी, बँगला, तेलुगू, मराठी, त्तमिल, कन्नड़, शरअ मुहम्मदी, हिन्दू-कानून, नीति-विज्ञान, न्याय पद्धति, अन्तर्राष्ट्रीय कानून, अंग्रेजी कानून, फोर्ट सेंट जार्ज तथा बम्बई के गवर्नरों द्वारा अंग्रेजी राज्य-संचालन के लिए बनाए गए नियम, अर्थशास्त्र, भूगोल, गणित, यूरोप की आधुनिक भाषायें, प्रकृति-विज्ञान, वनस्पति-शास्त्र, रसायन-शास्त्र, नक्षत्र-विज्ञान आदि अनेक विषयों की उचित शिक्षा की व्यवस्था कॉलेज में की गई थी। 18 अगस्त सन् 1800 ई० के पत्रानुसार डॉ० जॉन बौर्थविक् गिलक्राइस्ट को हिन्दुस्तानी भाषा का प्रोफेसर बनाया गया। जॉन गिलक्राइस्ट महोदय ने छोटे-बड़े उन्नीस ग्रन्थों की रचना की। कॉलेज की भाषा नीति समझने के लिए इनके कुछ ग्रन्थों की भूमिकायें द्रष्टव्य हैं। इनके द्वारा सम्पादित 'दि ऑरिएंटल फैब्यूलिस्ट' की भूमिका में लिखा है- "I very much regret, that along with the Brij-Bhasha, the Khuree-Bolee was omitted, since this particular idiom or style of the Hindoostanee, would have proved highly ...